Gender Equality: खेल जगत में भी आखिर क्यों?

Gender Equality ये शब्द अक्सर सुनने में आता है लेकिन बहुत कम ही जगह यह मुक्कमल होता है और खेल जगत में तो यह एक जंग बनकर रह चुकी है जिसे आगे बढने के लिए जीतना आवश्यक हो चुका है। आज के समय में Gender Equality को बढावा देने के लिए खेल जगत में चाहे वह क्रिकेट हो, फुटबाल हो, टेनिस हो या अन्य खेल लङकियों को काफी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

यह एक ऐसी समस्या है जो हर महिला को झेलना पङता है और खेल जगत ऐसी ही जगह है जहाँ यह अधिक मात्रा में देखने को मिलता है। एक महिला athlete को कई चुनौतियों का सामना करना पङता है तब जाकर वह जानी जाती है।

क्या होता है Gender Equality?

Gender Equality एक तरह की जंग है जिसे हर लङकी को अपने हक के लिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए जीतना पङता है। Gender Equality के वजह से एक women athlete को कई चीजों का सामना करना पङता है। उन्हे तो कभी कभी अपने ही फैन्स से sexist comments का भी सामना करना पङता है। वास्तव अधिकतर लोग women sports, Gender Equality को support करने के लिए नहीं बल्कि अपने pleasure के लिए देखते है। यह कहना गलत नही होगा की आज भी women sports बहुत ही कम संख्या में  लोग follow करते है।

एक women athlete के लिए सबसे निराशा की बात तब होती है जब Gender Equality inequality of pay में बदल जाती है। यह हमें क्रिकेट जैसे इतने प्रसिध्द खेल में भी देखने को मिलता है जहाँ एक male cricketer  के वेतन female cricketer से काफी अधिक है यही नहीं उनकी prize money भी दो गुणा से तीन गुणा होती है। ऐसा नहीं है की किसी ने इसके लिए अवाज नहीं उठाई, कई women athlete ने इस पर आवाज उठाई और आज काफी मशहुर चेहरा बन चुकी है।

Gender Equality और inequality of pay कब होगा समाप्त?

Gender Equality का तो पता नहीं पर inequality of pay पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। inequality of pay  को Gender Equality  को एक अहम हिस्सा माना जा सकता है। क्योंकि inequality of pay किसी न किसी रुप से Gender Equality से जुङा हुऐ है। 2019 में टेनिस के US Open Tournament में male और female प्लेयर को equal prize money देकर इस भेदभाव को खत्म करने की कोशिश की गयी। वहीं अगर क्रिकेट जगत की बात की जाए तो यहाँ एक male और female क्रिकेटर के वेतन में काफी अन्तर देखने को मिलेगा, जहाँ एक A Grade के male क्रिकेटर को 5 करोङ मिलता है तो वहीं female क्रिकेटर को केवल 5 लाख ही मिलता है। अगर Cricket Australia (CA) की बात की जाए तो पिछली बार World Cup जीतने के बाद CA ने अपने female क्रिकेटर को उतना ही pay किया जितना वो अपने male क्रिकेटर को करते है।

inequality of pay को हटाने की शुरूआत हो चुकी है लेकिन यह Gender Equality कब समाप्त होगा?

Gender Equality के समाप्त होने से women athlete बिना किसी झिझक के participate कर सकेगी। खेल जगत में Gender Equality अक्सर देखने को मिलता है जहाँ लोग यह मानने को तैयार नहीं होते है की women athlete भी अपने performance से काफी ऊचाइयों तक जा सकती है।

Olympic association ने महिलाओं को उच्च पदो पर नियुक्त करके इस दूरी को कम करने का प्रयास किया है। इतना ही नही Awareness campaign भी चलाये है जिससे की Gender Equality की समस्या को मिटाया जा सके और महिलाएं बिना किसी रुकावट के खेलों में शामिल हो सके। साथ ही साथ हमें भी Gender Equality को खत्म करने के लिए women sports और women दोनो को बराबर से support promote और करना होगा तभी कहीं जाकर इसे खत्म किया जा सकेगा।

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