young Smoking in India is increased by 2 crores

Smoking में दूसरे नंबर पर भारत : देश में बढ़ी युवा स्मोकर्स की संख्या, 2 करोड़ पहुंचा आंकड़ा

भारत लाइफस्टाइल स्वास्थ्य

धूम्रपान (Smoking) करना सेहत के लिए हानिकारक है। जिसे लेकर भारत सरकार द्वारा कई तरह की मुहिम भी चलाई जा रही है। इसके बावजूद भी लगातार देश में युवा स्मोकर्स की संख्या (Number of young smokers in India) में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। धूम्रपान (Smoking) के संबंध में अगर हम पिछले 30 साल में युवा स्मोकर्स (Youth smokers) की संख्या देखें, तो इसमें काफी इजाफा हुआ है। जहां भारत स्मोकिंग करने के संबंध में दूसरे पर नंबर है। भारत में साल 2019 में 15 से 24 साल की युवा वर्ग में स्मोकिंग करने वालों की संख्या (Number of smokers in India) 2 करोड़ तक पहुंच चुकी है। स्मोकिंग के संबंध में करीब 204 देशों में सर्वे किया गया। जिसके रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में धूम्रपान करने वालों की संख्या (Number of smokers) बढ़कर 110 करोड़ हो चुकी है। बता दें कि यह रिपोर्ट The Lancet Journal के ‘Global Burden of Disease’ में पब्लिश किया गया है। जिसके आधार पर आंकड़ों की गणना की गई है।

ये भी पढें-  Benefits of karela: करेला खाने के फायदे और करेला खाना क्यो है जरुरी?

10 देशों में बढ़ी है स्मोकिंग करने वालों की संख्या || Number of smokers has increased in 10 countries

आंकड़ों के अनुसार, सर्वाधिक धूम्रपान (Most smoking countries) करने वालों में भारत (India) में युवा पुरुष की संख्या में इजाफा हुआ है, तो वहीं सर्वाधिक धूम्रपान (Most smoking countries) करने वालों में टर्की (Turkey) में महिलाएं बढ़ी है। अगर हम 10 देशों में सबसे ज्यादा स्मोकर्स (Chain smoker) की बात करें, तो 2010 में दुनिया भर के 10 देशों में सबसे अधिक स्मोकिंग करने वाले लोग मिले हैं। जिसमें इंडोनेशिया, चीन, भारत, यूनाइटेड ऑफ अमेरिका, बांग्लादेश, तुर्की, रशिया, जापान, वियतनाम और फिलीपींस देश शामिल है। जिनमें से स्मोकिंग करने वालों का दो तिहाई आंकड़ा इन्हीं 10 देशों में से शामिल है।

धूम्रपान करने से हर साल लाखों लोगों की मौत होती है  || Smoking kills millions of people every year

हर साल देखा जाता है कि धूम्रपान के चलते हुई बीमारियों (Diseases caused by smoking) से लाखों लोगों की मौत होती है। जिन्हें आंकड़ों के रूप में देखें तो आंखें फटी की फटी रह जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, टोबैको स्मोकिंग (Tobacco Smoking) के कारण 2019 में पूरी दुनिया भर में करीब 77 लाख लोगों की मौत हुई है। वहीं हर पांच में से एक पुरुष की मौत स्मोकिंग (Smoking) करने से होती है। दुनिया भर में स्मोकिंग (Smoking) करने वालों में 89 प्रतिशत 25 साल तक की उम्र के युवा वर्ग करते हैं। जिसका आंकड़ा हर साल बढ़ता ही जा रहा है।

स्मोकर्स में युवाओं की संख्या में हुआ है इजाफा || The number of youth has increased in smokers

हर साल युवा पीढ़ी स्मोकिंग (Smoking) की चपेट में आते जा रहे हैं। जिसके चलते मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा 15 से 24 साल तक के युवा पीढ़ी शामिल है। दुनिया भर में पांच में से एक युवा की मौत धूम्रपान के चलते (Youth dies due to smoking) होती है और अब महिलाओं द्वारा भी स्मोकिंग करने का मामला बढ़ता जा रहा है। जिसका आंकड़ा देखे तो, टर्की देश में सर्वाधिक धूम्रपान करने वालों में महिलाओं की संख्या बढ़ी है।

साल 2019 के रिपोर्ट के अनुसार, धूम्रपान से मौतों के आंकड़ों में हुआ इजाफा

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 में धूम्रपान के चलते करीब 17 लाख लोगों की मौत हुई है। जिसमें इस्केमिक हार्ट डिजीज (Ischemic heart disease) ज्यादातर शामिल है। वहीं करीब 16 लाख लोगों की मृत्यु, तो सीओपीडी (COPD) के कारण हुई है। धूम्रपान करने के चलते कई तरह की अन्य बीमारियों से भी लोगों ने अपनी जान गंवाई है। जिसमें ट्रैकियल (Tracheal), ब्रॉन्कस (Bronchus) के साथ लंग कैंसर (Lung cancer) होना शामिल है। वहीं करीब 10 लाख लोगों की मृत्यु स्ट्रोक (Stroke) के चलते हुई है।

ये भी पढें-  Top 5 world biggest cricket stadium || विश्व के पॉच सबसे बङे क्रिकेट स्टेडियम

धूम्रपान पर रोक लगाने के लिए अपनाए दो रणनीति

भारत में युवा पीढ़ी को धूम्रपान से बचाए रखने के लिए भारत सरकार के साथ साथ कई समाज सेवी संस्थाएं भी जागरूक करने में जुटी हुई है। जिससे धूम्रपान करने के मामलों (Smoking cases) में रोक लगाई जा सके। धूम्रपान पर रोक लगाने के संबंध में पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (Public Health Foundation of India) की प्रोफ़ेसर मोनिका अरोड़ा (Professor Monica Arora) ने कहा है कि भारत में युवा स्मोकर्स की संख्या (Number of young smokers in India) में काफी इजाफा हुआ है। आगे उन्होंने कहा कि धूम्रपान में कमी लाने के लिए किसी भी देश को दो तरह की रणनीति को अपनाना चाहिए। जिसमें पहली रणनीति है, धूम्रपान रोकने में स्मोकर्स की जितनी हो सके उतनी मदद करना। दूसरी रणनीति है, युवाओं में धूम्रपान रोकने का लक्ष्य (Goal to stop smoking) बनाने के लिए प्रेरित करना। बता दें कि भारत देश में पहले से ही तंबाकू और निकोटीन (Nicotine) के कई नए उत्पादों पर रोक लगाई गई है। वहीं कई राज्यों ने तो ई-सिगरेट पर भी प्रतिबंध (Ban on e-cigarettes) लगा दिया है। इसके बावजूद भी स्मोकर्स की संख्या (Number of smokers) में लगातार इजाफा हो रहा है।

Spread the love

8 thoughts on “Smoking में दूसरे नंबर पर भारत : देश में बढ़ी युवा स्मोकर्स की संख्या, 2 करोड़ पहुंचा आंकड़ा

  1. पहले से ही धूम्रपान करने वालों की कमी नहीं है देश में अब जो लोग नहीं धूम्रपान करते हैं वह भी करने लगेंगे 😂😂 हमारा भारत कितना महान है 🤔😂

  2. I’m 31. I smoked a few cigarettes about 20 cigarettes in my college time at the age of 19. I don’t smoke now. I promise I will never smoke in my rest of my life. I’m a disciplined person. From Odisha

  3. वो☺ खूबसूरत आंखे👀 जो इस वक़्त ये Comment🗨️ पढ़ रही है
    भगवान🙏 करें उन आंखों👀 के हर सपने पूरे हो😘😘🌹🌹🌹

  4. Ab 18 rs ki ho gyi hai 1 cigarette 18×20×365= 131400 rs per yr without interest and 131400×10×2=2628000 With interest or isme cigarette ke har Saal barne vala price add nahi hai. 10saal me kareeb 30lakh hue 1pkt per day

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *