सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहे Fake Post पर गृह मंत्रालय की कार्रवाई, हटाए 100 पोस्ट

कोरोनावायरस की दूसरी लहर (Corona Virus Second wave) ने दुनियाभर में हाहाकार मचा दिया है। वहीं भारत (India) भी इससे अछूता नहीं रहा है। ऑक्सीजन (Oxygen), दवाइयों (Medicines) और अस्पताल में बेड (Beds) की कमी के चलते भारत में कोरोना का मौत तांडव देखने को मिल रहा है। आए दिन देश से कोरोनावायरस (Corona Virus) के रिकोर्ड तोड़ मामले सामने आ रहे हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमित करीब 3 लाख 49 हजार नए मामले सामने आए हैं। वहीं संकट के इस समय में सोशल मीडिया (social media) पर भ्रामक और झूठी खबरों को भी तेजी से फैलाया (Viral) जा रहा है। पुरानी फोटो और खबरों को कोरोनावायरस से साथ लिंक कर कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social media platform) पर जमकर वायरल किया जा रहा है, जिसके चलते लोगों में दहशत फैल रही है।

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फेक वायरल पोस्ट पर सरकार ने उठाएं सख्त कदम

हाल ही में कोरोना वैक्सीन को लेकर महिलाओं के माहवरी (Periods) को मद्देनजर रखते हुए एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें यह बताया गया था कि महिलाएं कोरोनावायरस वैक्सीन (corona virus vaccine) को अपने पीरियड्स से 5 दिन पहले और पीरियड्स के 5 दिन बाद ना लें, क्योंकि इस दौरान उनकी इम्यूनिटी (Immunity) काफी कम होती है। अगर माहवारी के बताएं गए वक्त में महिलाओं ने कोरोनावायरस वैक्सीन ली तो उनके लिए हानिकारक हो सकती है। इस पोस्ट को सरकार द्वारा फेक (Fake) करार दिया गया है। ऐसे ही कई पोस्ट सोशल मीडिया पर लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है और धड़ल्ले से वायरल हो रही हैं। इन फेक पोस्ट को देखते हुए हैं गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) द्वारा सख्ता कार्रवाई करते हुए निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) द्वारा सोशल मीडिया से 100 से ज्यादा भ्रामक और झूठी अफवाह फैलाने वाली पोस्ट को हटवा (delete) दिया गया है।

सोशल मीडिया ( Social Media) का हो रहा गलत इस्तेमाल, कार्रवाई करना है जरूरी – मंत्रालय

हालांकि जैसे ही सरकार की इस दुष्प्रचार के तरफ नजर पड़ी तो उन्होंने सख्त फैसला लेना ही उचित समझा। वहीं इस पूरे मामले पर मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट इसलिए हटवाए गए हैं क्योंकि कोरोना के इस दौर में कुछ सोशल मीडिया यूजर्स( Social Media) सूचनाओं का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। इन भ्रमित पोस्टों को हटवाने का मकसद कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में खलल ना पैदा हो और इन पोस्टों के कारण कोई व्यवस्था में बाधा ना उत्पन्न हो। वहीं मिली जानकारी के अनुसार सरकार मदद का आग्रह कर रही है, इसके साथ ही सुझाव भी मांग रही है और इतना ही नहीं वह आलोचनाओं का भी स्वागत कर रही है। क्योंकि कोरोनावायरस के खिलाफ जो जंग चल रही है वह एक की नहीं बल्कि समूचे समाज की जंग है, जिसको सामूहिक रूप से ही जीता जा सकता है। लेकिन इस गंभीर परिस्थितियों में भी जो लोग अनैतिक उद्देश्यों के साथ सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल कर रहे है, उनके खिलाफ कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

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फेक  पोस्ट वायरल करने वालों के अकाउंट  किेए गए ब्लॉक

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते देश में रोजाना हजारों की संख्या में लोग जान गवां रहे हैं। लेकिन इस महामारी का कुछ यूजर्स द्वारा सोशल मीडिया पर सुनियोजित दुष्प्रचार किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस कोरोना महामारी (Corona Epidemic) को एक साजिश बताया जा रहा है, इसके साथ ही लोगों में यह भ्रम की स्थिति फैलाई जा रही है कि वह सरकार द्वारा कोरोनावायरस के खिलाफ जारी किए गए प्रोटोकॉल जैसे सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing), मास्क (Mask) पहनने का पालन न करें। मंत्रालय का कहना है कि इस नाजुक स्थिति में लोगों के पास जितनी भ्रमित और गलत खबरें पहुंचेंगी, उससे लोगों के अंदर डर की स्थिति पैदा होगी जो कि हानिकारक है। मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों में न सिर्फ सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट किए गए भ्रामक, पुरानी और अथक घटनाओं के मृतकों की फोटो और वीडियो को हटाया गया है, बल्कि जिस अकाउंट द्वारा इन फेक पोस्ट को वायरल किया गया है उन यूजर्स के अकाउंट भी ब्लॉक (Account Block) करने की कार्रवाई की गई है।

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