रियल हीरो : जावेद खान ने पत्नी के गहने बेच ऑटो को किया एंबुलेंस में तब्दील, अब बचा रहे लोगों की जान

कोरोना महामारी (corona epidemic) ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा कर रख दिया है। जिनमें से एक भारत भी है, जहां हर दिन लाखों मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं कई लोगों की कोरोना वायरस के चलते जाने भी जा रही है। सभी प्रदेशों में ऑक्सीजन सिलेंडर (shortage of oxygen cylinders) और बेड की कमी देखी जा रही है। जहां मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे है। हर जगह सिर्फ अव्यवस्थाएं ही देखने को मिल रही है। ऐसे में लोगों की मदद करें भी तो कौन करें। इन्हीं सब अव्यवस्थाओं के बीच मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के भोपाल (Bhopal) के जावेद खान (Javed Khan) ने मिसाल पेश की है। एक ओर जहां सभी लोग कोरोनावायरस (coronavirus) से दूर भागते हुए लोगों की मदद के लिए भी सामने नहीं आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भोपाल (bhopal) के जावेद खान (Javed Khan) अपने ऑटो एंबुलेंस (auto ambulance) की मदद से लोगों की जान बचा रहे है। सभी जगह अखबारों में टीवी न्यूज़ चैनलों में यही देखा जा रहा है कि लोग अस्पताल में बेड और ऑक्सीजन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। लेकिन कोई मदद करने वाला नहीं है, कई लोग अस्पताल के बाहर बेड नहीं मिलने के कारण सड़कों पर मरीज को लेकर बैठे हुए है। बावजूद इसके प्रशासन तक लोगों की मदद नहीं कर पा रही है।

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जावेद खान अब तक बचा चुके है 8 से 10 लोगों की जान

कोरोना काल में सभी जगह त्राहिमाम का गूंज देखा जा रहा है। जहां लोग मजबूर और बेबस हो गए है, लेकिन इस अव्यवस्थाओं के बीच कोई भी मदद के लिए तैयार नहीं है। कहीं ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी है, तो कहीं ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है, जो लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। इन्ही सब के बीच भोपाल के एक ऑटो चालक ने मिसाल पेश करते हुए लोगों की मदद के लिए आगे आए है। और अपनी मिनी एंबुलेंस (mini ambulance) से लोगों की जान बचा रहे है। जावेद ने अपने ऑटो को मिनी एंबुलेंस (mini ambulance) बना दिया है, जिसमें ऑक्सीजन (oxygen) की व्यवस्था है, जो मरीजों के लिए काफी हेल्पफुल साबित हो रहा है। इसी तरह जावेद अब तक करीब 8 से 10 लोगों की जान बचा चुके है। जहां बड़े-बड़े सक्षम लोग कोरोना महामारी के चलते घरों में दुबक कर बैठे हुए है, वहीं जावेद कोरोना मरीजों की जान बचा कर सेवा कर रहा है।

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परिवार वालों की मदद से ऑटो को किया मिनी एंबुलेंस में तब्दील

भोपाल का जावेद खान (javed khan) करीब 18 सालों से ऑटो चला रहा है, इन दिनों कोरोना महामारी का प्रकोप (covorna pandemic) बढ़ चुका है। जिसके चलते हर जगह कोरोना संक्रमण से लोग परेशान है। जिन्हें देखते हुए जावेद खान ने लोगों की मदद करने का फैसला लिया। जावेद खान का परिवार अभी तक कोरोना संक्रमण की चपेट से बचा हुआ है, लेकिन आसपास में हर तरफ उसे कोरोना संक्रमण से लोगों की परेशानी देखने को मिल रही है। ऐसे में परिवार वालों ने जावेद खान को लोगों की मदद करने के लिए प्रेरित किया और मिनी एंबुलेंस (ambulance) का सुझाव दिया। यह सुझाव जावेद को बेहद पसंद आया और उसने अपने ऑटो को मिनी एंबुलेंस (mini ambulance) में तब्दील कर दिया।

अपने पैसों से भरवाते है ऑक्सीजन सिलेंडर, मरीजों से नहीं लेते पैसे

बता दें कि जावेद खान (javed khan) की मिनी एंबुलेंस (mini ambulance) में जो ऑक्सीजन सिलेंडर (oxygen cylinder) लगा हुआ है, उसे वह अपने पैसों से भरवाते हैं। जिसके लिए उन्हें 600 रुपए का खर्च आता है। लोगों की मदद के लिए पैसों की कमी ना हो इसके लिए जावेद खान की पत्नी ने उन्हें अपने सोने की चेन दे दी है। इस नेक काम के लिए जावेद खान का कहना है कि यदि उन्हें उधार लेकर भी लोगों की मदद करनी पड़ी तो वह पीछे नहीं हटेंगे और लोगों की मदद के लिए तत्पर होकर कार्य करेंगे।

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अन्य ऑटो चालकों से की मुहिम में जुड़ने की अपील

लोगों की मदद के लिए जावेद खान ने सोशल मीडिया पर अपनी सारी जानकारी पोस्ट है। साथ ही उन्होंने दूसरे ऑटो चालकों से भी इस मुहिम में जुड़ने की अपील की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद की जा सकें। अपने इस नेक काम से जावेद खान ने अब तक 8 से 10 लोगों की जान बचाई है, जिनमें से एक सुलेखा प्रभावलकर ने कहा कि उनके पति की तबियत 26 अप्रैल को अचानक खराब हो गई और उन्हें हॉस्पिटल लेकर जाना था। ऐसे में उन्होंने एंबुलेंस को फोन किया लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं मिल रही थी। तभी उन्होंने जावेद खान को फोन किया और जावेद खान तुरंत ही वहां आ गए। जिसके बाद बेड के लिए उन्हें कई अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े, तब तक जावेद खान उनके साथ रहे और कोई पैसा भी नहीं लिया। सुलेखा ने आगे कहा कि जैसे ही उनके पति ठीक हो जाएंगे वो जावेद खान का धन्यवाद करने उनके घर जाएंगी।

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