डायबिटीज पेशेंट नवरात्र के व्रत रखते समय इन बातों का रखें ध्यान

मंगलवार से Chaitra Navratri 2021 की शुरूआत होने वाली है। जिसे लेकर श्रद्धालुओं की तैयारी भी शुरू हो गई है। नवरात्र पर्व को लेकर सभी के मन में एक अलग ही उत्साह होता है, जिसमें बहुत से लोग मां की भक्ति में व्रत करते है। एक साल में नवरात्रि का त्योहार ऐसा है जो दो बार आता है, जिसमें से चैत्र नवरात्र गर्मी के मौसम में आती है। जिससे व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को थोड़ी कठिनाई होती है। नवरात्र में लोग अपनी श्रद्धा भक्ति के अनुसार पूजन अर्चन कर व्रत-उपवास करते हैं। जिसमें कुछ श्रद्धालु पूरे 9 दिन का व्रत करते हैं, वही कुछ श्रद्धालु पहले दिन और आखिरी दिन व्रत कर दान पुण्य कर मां दुर्गा की आराधना करते है।

व्रत में डायबिटीज पेशेंट रखें विशेष ध्यान

नवरात्र में कुछ श्रद्धालु ऐसे होते हैं जो अपनी डाइट का पूरा ध्यान रखते हैं। जिसमें दिन भर में वे केवल पानी का सेवन करते हैं जिसे एक संकल्प के रूप में भी देखा जाता है। हर नवरात्र कहीं ना कहीं ऐसा चमत्कार देखने को मिलता है, जहां कोई व्यक्ति बिना फल का सेवन किए और बिना कुछ खाए पानी के सहारे 9 दिन का व्रत कर लेते है। कई श्रद्धालु ऐसे होते हैं, जिनका स्वास्थ्य सही नहीं रहता है। जैसे डायबिटीज के मरीज, जिन्हें व्रत करते हुए कई सावधानियों का ध्यान रखना पड़ता है और अपनी खानपान पर भी विशेष तौर पर ध्यान देना पड़ता है। ऐसे श्रद्धालुओं को व्रत संपन्न करने में सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। वैसे तो सांइटिफिकली कहा जाए तो व्रत करना अच्छा माना जाता है, अगर किसी को डायबिटीज की समस्या हो तो उन्हें विशेष तौर पर अपना ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि डायबिटीज के मरीजों को व्रत या उपवास करते समय किन-किन बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए। जिससे कि आप अपने व्रत को बिना किसी समस्या के पूरा कर सकें।

समय-समय पर कुछ-ना-कुछ खाते ही रहें

बहुत से डायबिटीज के मरीज नवरात्र का व्रत केवल तरल पदार्थों का सेवन करके पूरा करने का संकल्प ले लेते हैं, जिसके चलते व्रत के बाद उनकी तबियत बिगड़ जाती है। डायबिटीज के मरीज ऐसा बिल्कुल ना करें वह समय-समय पर कुछ-ना-कुछ खाते रहे। व्रत करते समय डायबिटीज के पेशेंट अपने पास पिस्ता, बादाम, अखरोट, मखाना जैसे ड्राइफ्रूट्स आदि अपने पास रखें। जिसे वह समय-समय पर खाते रहे। एक ही बार में इकट्ठा ना खा कर थोड़ी-थोड़ी देर में खाते रहे। जिससे सेहत पर अच्छी बनी रहेगी।

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ये चीजें करें फलाहार और ड्रिंक्स में शामिल

आइए अब जानते हैं कि डायबिटीज के मरीज नवरात्र का व्रत करते समय अपने फलाहार में किन-किन फलों व ड्राई फ्रूट्स को शामिल कर सकते हैं। फलाहार में मखाना, कद्दू के पराठे, खीरा, खीरा का रायता, लौकी की सब्जी, ककड़ी, कद्दू, लौकी का रायता, ड्राई फ्रूट्स, आधा केला, आधा सेब, संतरा, पनीर, टमाटर, अमरुद, नाशपाती और पपीता जैसी फलों व सब्जियों को अपने फलाहार में ले सकते है। वहीं डायबिटीज पेशेंट को दोपहर में लिक्विड के तौर कुछ सेवन करने लिए विशेष तौर पर ध्यान देना पड़ता है, जिससे कि शरीर में डी-हाइड्रेशन की दिक्कत ना हो। इसके लिए वह दूध, नारियल पानी, नींबू पानी, ग्रीन टी और पानी को शामिल कर सकते हैं। इन सभी के सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होगी।

डायबिटीज पेशेंट फलाहार के लिए डॉक्टर से ले सलाह

नवरात्रि का व्रत पूरे 9 दिन का होता है। इस कारण सभी लोगों को अपने खान-पान पर विशेष तौर पर ध्यान देना पड़ता है, क्योंकि ऐसा भी हो जाता है कि कई लोग नवरात्र के बाद बहुत बीमार हो जाते हैं। ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो इसलिए अपने फलाहार का पूर्ण रुप से ध्यान रखें। इस दौरान डायबिटीज पेशेंट को क्या-क्या चीजें फलाहार में शामिल नहीं करनी चाहिए इससे भी लेकर उन्हें जानकारी होनी चाहिए। जिसके लिए वे अपने डॉक्टर से परामर्श ले सकते है। जिसके अनुसार वे अपने डाइट को फॉलो करें। इन सभी चीजों का विशेष रूप से ध्यान रखने पर कोई परेशानी नहीं होगी और आप अपने नवरात्र का व्रत संपन्न कर सकते है।

कोरोना वायरस के चलते घर पर ही मनेगा नवरात्र का त्योहार

मंगलवार 13 अप्रैल से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होने वाली है, जिसे पूरे नव दिन धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बार उत्साह थोड़ी कम नजर आ रही है, क्योंकि कोरोनावायरस लगातार बढ़ते जा रहा है इसे लेकर सरकार ने गाइडलाइन जारी किए हैं जिसके चलते कई प्रदेशों में नवरात्र के समय टोटल लॉकडाउन रहेगा। इस कारण सभी लोग नवरात्रि का त्योहार अपने घर पर ही मनाएंगे और माता रानी की आराधना करते हुए व्रत और पूजा पाठ अवश्य रूप से करेंगे। जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है। नवरात्र में भक्तगण पूरे नव दिन माता रानी के नौ रूपों की पूजा करते हैं और अपनी मनोकामनाएं माता रानी के समक्ष रखते हैं। कहा जाता है कि यदि नव दिन माता रानी की मन से भक्ति की जाए और पूजन अर्चन की जाए तो माता रानी उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी करती है।

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घटस्थापना की शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्र 2021 में घटस्थापना की मुहूर्त पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इस साल चैत्र नवरात्र 2021 13 अप्रैल से शुरू होगी, जिसकी घटस्थापना की शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। जिसके लिए 4 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा। वही घटस्थापना के दूसरे शुभ मुहूर्त की बात की जाए तो यह सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में श्रद्धालु घटस्थापना कर सकते हैं।

 

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