कोरोना महामारी के चलते इस देश ने महिलाओं के Pregnant होने पर लगाया बैन

हर औरत के लिए मां बनना सबसे खूबसुरत एहसास होता है। ये वो श्रृंगार है जो हर औरत को पूरा करता है पर कोरोना वायरस (Corona Virus) का फैलता संक्रमण (Infection) अब औरत के इस खूबसूरत एहसास पर ग्रहण बन के बैठ गया है। दरअसल कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ब्राजील  की सरकार (Brazil Government) ने महिलाओं से अपील की है कि जब तक कोरोना वायरस की इस तबाही पर रोक नहीं लगती तब तक वो गर्भ धारण (Conceive) न करें। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरी दुनिया में तबाही मचा कर रख दी है। अब तक पूरी दुनिया में 30 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मौत के घाट उतर चुके है। वहीं सबसे ज्यादा कोरोना का खतरा ब्राजील  समेत भारत (India) और फ्रांस (France) में देखने को मिल रहा है। कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामले के चलते टीकाकरण में भी समस्याएं उतपन्न हो रही है।

ब्राजील की सरकार ने महिलाओं से की अपील

वहीं ब्राजील  की प्राइमरी हेल्थ केयर ऑफ द ब्राजीलियन हेल्थ मिनिस्ट्री (Primary Health care of the Brazilian Health Ministry) ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि कोरोना का इस साल आया हुआ वेरिएंट (Variant) ज्यादा जान लेवा है। इस वेरिएंट ने सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को अपना शिकार बनाया है।इसको देखते हुए महिलाओं को गर्भधारण करने से बचाव करना चाहिए। सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस के इस दौर में महिलाओं का कंसीव करना जरा भी ठीक नहीं है, वहीं जब तक इस कोरोना महामारी पर काबू नहीं पाया जाता और हालात पहले जैसे नहीं हो जाते तब तक मां बनने से बचना चाहिए। देश के लोगों की हेल्थ और भविष्य के मद्देनजर इस फैसले को लिया गया है।

इसे भी पढें-   Coronavirus: दूसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक, जानें इसके लक्षण और बचाव

मेडिकल एक्सपर्ट्स ने भी किया ब्राजील सरकार का  समर्थन

वहीं ब्राजील  सरकार (Brazil Government) द्वारा लिए गए इस फैसले का मेडिकल के एक्सपर्ट्स (Medical Experts) भी स्वागत कर रहे है। अगर मेडिकल एक्सपर्ट्स की माने तो इस साल आया हुआ कोरोना (Corona) ज्यादा खतरनाक है। कोरोना की इस लहर ने अत्यधिक असर गर्भवती महिलाओं पर डाला है। वायरस का ये नया वेरिएंट प्रेगनेंट औरतों को पहले अपना शिकार बना रहा है। कोरोना के ये वेरिएंट काफी अग्रसिव है और गर्भवती महिलाओं को सबसे पहले अपनी चपेट में ले रहा है, जिसके चलते ना जच्चा और बच्चा दोनों की ही जान पर खतरा मंडरा रहा है, इसलिए महिलाओं को समझदारी दिखाते हुए इस वक्त गर्भधारण करने से बचना चाहिए।

ब्राजील में कोरोना के कुल मामले

बता दें कि कोरोना वायरस के चलते सबसे ज्यादा दुनिया में मौतें अमेरिका (America) में हुई है, जिसके बाद ब्राजील (Brazil) का नंबर आता है। ब्राजील  में कोरोना महामारी (Corona epidemic) के चलते हैं अब तक 3 लाख 68 हजार 749 लोगों की मौत हो चुकी है, वही यहां कोरोनावायरस से संक्रमित हुए लोगों की संख्या 13.8 मिलियन है। कोरोना के नए वेरिएंट से ब्राजील के लोग संक्रमित हुए हैं, इसी के मद्देनजर ब्राजील सरकार ने महिलाओं की प्रेगनेंसी पर बैन लगा दिया है और उनसे अपील की है कि वह गर्भधारण न करें।

WHO ने बताया इस वेरिएंट को गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक

वहीं वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (World Health Organization) यानि की डब्ल्यूएचओ (WHO) की माने तो आम महिलाओं से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को वायरस का खतरा है। वहीं कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते हैं शिशु के प्रीमेच्योर जन्म का खतरा भी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। वही प्रसूति रोग विशेषज्ञ की माने तो अगर आपके घर में कोई प्रेग्नेंट महिला है तो ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। सबसे पहले तो गर्भवती महिलाओं को सोशल आइसोलेट रखें , इसके साथ ही उनसे वक्त वक्त पर हाथ धोने और मास्क लगाने की सावधानियां रखने की बात कही जाए।

इसे भी पढें-   परीक्षा पर कोरोना हुआ हावी

गर्भवती महिलाओं को दिया जाए पौष्टिक आहार (Nutritious food)

गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार दिया जाए जिससे उनकी इम्यूनिटी (Immunity) बढ़ सके और अगर कोरोना के शुरुआती लक्षण (Symptoms) दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह ली जाए। कोरोनावायरस के इस दौर में विशेष गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड अस्पताल (Covid Hospitals) भी बनाए गए हैं, जहां उनकी प्रॉपर केयर की जाती है। महिलाएं वहां जाकर भी अपना इलाज करा सकती है। गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन अभी गर्भवती महिलाओं को नहीं दी जा रही है, क्योंकि इसका ट्रायल अभी तक शुरू नहीं हुआ है, जिसके कारण बहुत जिंदगी पर कोरोनावायरस का खतरा मंडरा रहा है।

गर्भ धारण की गई महिलाओं को रखा जाए तनाव (Stress) से दूर

इसके साथ ही है कोरोनावायरस के कार्य तरफ नकारात्मक वातावरण (Negative Environment) देखने को मिल रहा है जिससे तनाव (Stress) उत्पन्न होना स्वभाविक है यह तनाव गर्भवती महिलाओं में भी काफी देखा जा रहा है। तनाव से गर्भवती महिला और उसके फोन पर काफी असर देखने को मिलता है। मां का तनाव सीधे बच्चे तक पहुंच जाता है जिसके कारण प्रीमॅच्युअर बर्थ (Premature birth) के बाद में शिशु में डिप्रेशन (Depression), एंजाइटी (Anxiety), स्ट्रेस (Stress) आदि की समस्या सामने आती है। वही शिशु जब बड़ा हो जाता है तब भी कई परेशानियां सामने आ सकते हैं इसलिए गर्भवती महिला को तनाव से दूर रखने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।

भारत (India) में कोरोना ने कुल इतने लोगों को बनाया अपना शिकार और इतने लोग हुए ठीक

बता दें कि बीते 24 घंटे में देश में कोरोनावायरस (Corona Virus) के कुल 2 लाख 61 हजार 500 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 1 करोड़ 67 लाख 88 हजार 109 हो गई है, वहीं बीते 24 घंटों में कोरोना से संक्रमित होकर 1501 लोग अपनी जान गवा चुके हैं। जिस को मिलाकर देश भर में कुल 1,77,150 लोगों की मौत हो चुकी है। वही देश भर में कुल कोरोना के सक्रिय मामले 18 लाख 01 हजार 316 है, जिसमें से कुल 1,28,09,643 लोग कोरोना से जंग जीत कर डिस्चार्ज हो चुके है। अभी तक 24 घंटे में देश में कुल 26 लाख 84 हजार 956 लोगों को कोरोना की वैक्सीन (vaccine) लगाई गई है, जिसके बाद से कुल देश के 12,26,22,590 लोगों का वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *